Wednesday, 26 November 2014

तेरी बातें

जब कही कभी तेरा जिक्र आया.
हमे अजीब सी उदासी ने घेरा वक्त ने मारा
ना थे हम कुछ भी सुनने के काबिल
कदम रुक ही गए, और दिल फिर दुनिया से हारा...


धीरेंद्र सिंह चौहान "देवा"

1 comment: