Thursday, 23 July 2015

माया मन

माया मन उड़ी गे जू
जाणी कीजाणि क्या ह्वे होलु
उड़ी गे जू माया में कैकी
जाणी कीजाणी कख होलु
माया मन उड़ी गे जू जाणी कीजाणि क्या ह्वे होलु

छा कुछ सुपिन्या और छा कुछ ख्याल
देखि चा मिन जू और समझी छा आज
थों ख्यालों मा में कखि ख्वे होलु
माया मन उड़ी गे जू जाणी कीजाणि क्या ह्वे होलु

इक मुखड़ी छे याद औणी मेरा मन मा
कख देखि होली और के जनम मा
में जनमो जनमो तक खुजे ल्योलू
माया मन उड़ी गे जू जाणी कीजाणि क्या ह्वे होलु

जनि भी होली वा और होली जू
होली वा मेरी और में वेंकु
कब शुभ घडी दिन बार अालु
माया मन उड़ी गे जू जाणी कीजाणि क्या ह्वे होलु

धीरेंद्र  सिंह चौहान "देवा"
(स्वरचित)

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