काश तू मुझे फिर से जीने की मोहलत दे दे.
एक बार और मुझे मेरी बचपन कि जिद दे दे
फिर से ही एक बार वो पट्टी pahaada मेरे हाथों में दे दे
मनाऊँ कैसे तुझे मुझे बचपन मेरा दुबारा से जीने दे दे
तेरे ही सवालों से परेशान हूँ में आजकल
मुझे तो कभी कभार इन सवालों से छुटकारा दिला दे
मेरे पास अब तो जवाब कुछ भी नही
तू बस अब जवाब बन. मुझे मेरी नयी राह दिखा दे
अब फिर से चुप जाऊँ में कही बचपन के उन खेलों में
फिर से लड़ मार जाऊँ उन जीवंत घरौंदों में
वो मिट्टी आज फिर मेरे सीने लगा दे
मुझे तेरी कसम वो प्यारा बचपन दिला दे
तुझे जीतूं या हरूँ हर हाल में हार मेरी है
तुझे पुकारुन या याद करूँ, ये हालत मेरी है.
कुछ तो तरस कर मुझ पर और सुन ले जरा
कुछ नही तो तू मुझे अपने आप को वापस मिला दे.
धीरेंद्र Singh चौहान "देवा"
एक बार और मुझे मेरी बचपन कि जिद दे दे
फिर से ही एक बार वो पट्टी pahaada मेरे हाथों में दे दे
मनाऊँ कैसे तुझे मुझे बचपन मेरा दुबारा से जीने दे दे
तेरे ही सवालों से परेशान हूँ में आजकल
मुझे तो कभी कभार इन सवालों से छुटकारा दिला दे
मेरे पास अब तो जवाब कुछ भी नही
तू बस अब जवाब बन. मुझे मेरी नयी राह दिखा दे
अब फिर से चुप जाऊँ में कही बचपन के उन खेलों में
फिर से लड़ मार जाऊँ उन जीवंत घरौंदों में
वो मिट्टी आज फिर मेरे सीने लगा दे
मुझे तेरी कसम वो प्यारा बचपन दिला दे
तुझे जीतूं या हरूँ हर हाल में हार मेरी है
तुझे पुकारुन या याद करूँ, ये हालत मेरी है.
कुछ तो तरस कर मुझ पर और सुन ले जरा
कुछ नही तो तू मुझे अपने आप को वापस मिला दे.
धीरेंद्र Singh चौहान "देवा"
kash aap ese hi likhte jaye hamesha. dil khush ho jata h pad k DEVAJI pls likhte rahiye..
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