यारों कि यारी
यारों की ऐसी यारी में महफिल सजा ली हमने
मजबूर हुआ कुछ ऐसा कलम उठा ली हमने
लिखना चाहा दिल को बड़े अरमानो के साथ
जाने ये क्या हुआ सब जुबानी बता दिआ हमने
दिल की ये दुनिया मेरे यारों से ही चलती है
दूर् रहु जब इनसे यारी बड़ी बुरी खलती है
जब तक बातें ना हो दो चार इधर उधर की
तुम ही जानो यार ये शाम कैसे ढलती है
सुक्र्गुजार हूँ खुदा तेरा ये जो रीत बनायी है
दुनिया में दोस्त बनाकर ये दोस्ती सीखलायी है
दुआ करता हूँ तुझसे इन्हे खुस रखना तुम हरदम
फुल मेरी बगिया के हैं जिनसे ये रौनक आयी है.
धीरेंद्र सिंह चौहान "देवा"
यारों की ऐसी यारी में महफिल सजा ली हमने
मजबूर हुआ कुछ ऐसा कलम उठा ली हमने
लिखना चाहा दिल को बड़े अरमानो के साथ
जाने ये क्या हुआ सब जुबानी बता दिआ हमने
दिल की ये दुनिया मेरे यारों से ही चलती है
दूर् रहु जब इनसे यारी बड़ी बुरी खलती है
जब तक बातें ना हो दो चार इधर उधर की
तुम ही जानो यार ये शाम कैसे ढलती है
सुक्र्गुजार हूँ खुदा तेरा ये जो रीत बनायी है
दुनिया में दोस्त बनाकर ये दोस्ती सीखलायी है
दुआ करता हूँ तुझसे इन्हे खुस रखना तुम हरदम
फुल मेरी बगिया के हैं जिनसे ये रौनक आयी है.
धीरेंद्र सिंह चौहान "देवा"
very nice
ReplyDeletebahut khoob :D
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